आओ फिर से दिया जलाएँ
नमस्कार साथियोंजैसा की हम सभी जानते हैं देश अभी एक वैश्विक संकट से जूझ रहा है, ऐसे में पूरा देश एक साथ मिलकर इस लड़ाई में शामिल है, और यही तो आखिर परंपरा है हमारी, हम चाहे जितने भी भिन्न भिन्न के कपडे पहनते हों भिन्न भिन्न भाषाएँ बोलते हो पर जब भी देश या समाज या मानव जाति पर कोई संकट आता है, तो हम सब एक साथ मिलकर, डटकर मुकाबला करते है और कर भी रहे हैं। ये महामारी भले ही एक संकट के रूप में आयी हो पर इसने हमें एक साथ लड़ना सिखा दिया है दूरी बनाकर ही सही पर हम मिलकर लड़ रहे हैं । ऐसे में देश के प्रधानमंत्री श्री मोदी जी भी समय समय पर देश को इस लड़ाई में एक दिशा दिखते रहते हैं इसी कड़ी में कल ३ अप्रैल को भी मोदी जी देश के सामने हाजिर हुए एक सन्देश लेकर, आईये हम आपको दिखते हैं बो सन्देश
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इस सन्देश में सबसे अहम् जो बात दिखी, बो ये की 5 अप्रैल को रात 9 बजे 9 मिनट के लिए हमें अपनी घरों की सभी लाइट्स बंद करनी होगी और जलना होंगे दिए, मोमबत्तियां टोर्चें या फिर मोबाइल के फ़्लैश।
इससे एक कविता जो याद आती है
आओ फिर से दिया जलाएँ
भरी दुपहरी में अँधियारा
सूरज परछाई से हारा
अंतरतम का नेह निचोड़ें-
बुझी हुई बाती सुलगाएँ।
आओ फिर से दिया जलाएँ
हम पड़ाव को समझे मंज़िल
लक्ष्य हुआ आँखों से ओझल
वर्त्तमान के मोहजाल में-
आने वाला कल न भुलाएँ।
आओ फिर से दिया जलाएँ।
आहुति बाकी यज्ञ अधूरा
अपनों के विघ्नों ने घेरा
अंतिम जय का वज़्र बनाने-
नव दधीचि हड्डियाँ गलाएँ।
आओ फिर से दिया जलाएँ
---भारत रत्न श्री अटल विहारी वाजपेयी
जानकार कहते हैं की ये आह्वान देश की एकता को दिखने के लिए किया गया और हम सब को इसमें भाग लेना है। अब विपक्ष तो विपक्ष ठहरा उन्हों ने इसे महज एक अंधविस्वास का नाम दिया। पर एक और पहलु जो सिर्फ कुछ लोगों ने देखा बो है तकनीकी पह्लू।
तो क्या एक साथ लाइट बंद करने से पूरे देश की पावर ग्रिड फेल हो जाएगी ?
तकनीक के जानकार बताते हैं की ये बिना तयारी के करने से देश की पॉवरग्रिड फ़ैल हो सकती है यानि आसान भासा में कहें तो देश की बिजली ब्यवस्था फ़ैल हो सकती है, और इसे ठीक करने में सायद हफ़्तों तक लग जाएँमहाराष्ट्र के ऊर्जा मंत्री नितिन राउत की भी यही चिंता है। उनका कहना है-
“अगर करोड़ों की संख्या में लोग एक साथ अपने-अपने घरों की लाइट बंद करेंगे और फिर कुछ देर बाद यही करोड़ों लोग एक साथ लाइट्स ऑन करेंगे तो जल्दी-जल्दी लोड घटने-बढ़ने से पावर फेल होने का ख़तरा रहेगा। अगर ऐसा हुआ तो पूरी बिजली व्यवस्था को वापस पटरी पर लाने में एक हफ्ते तक का वक्त लग सकता है। मेरी लोगों से अपील है कि दिये या मोमबत्ती जलाएं, लेकिन लाइट्स ऑफ किए बिना।”
पर देश के आल इंडिया पावर इंजिनीयर्स फेडरेशन के अध्यक्ष श्री शैलेन्द्र दुबे ने एक चैनल से बात करते हुए कहा की उन्होंने POSCO जो सरे देश की बिजली को ऑपरेट करता है उन्हें एक पत्र लिखा जिससे एक गाइडलाइन्स सरकार के द्वारा सभी राज्यों को भेज दिया गया है और अब डरने की जरुरत नहीं है साड़ी तैयारियां कर ली जाएँगी,
हाँ ये सच है की देश में सभी घरेलु लाइट्स एक साथ 9 मिनट के लिए यदि बंद होंगी और फिर जलाई जाएँगी तो पावर ग्रिड फ़ैल हो सकता है क्योंकि बिजली जो भी उत्पादित की जाती है उसे स्टोर नहीं किया जा सकता और अचानक से ऐसा होने पर दिक्कतें आ सकतीं हैं, पर अब ऐसा नहीं होगा क्यों की ज्यादातर राज्यों के द्वारा सारी त्यारियां कर ली जाएँगी।
तो अब डरने की कुछ जरुरत नहीं है, आप देश की एकता दिखाएँ, आईये दिए जलाएं.
घर पर रहे, सुरक्षित रहें, स्वस्थ रहें, खुश रहें।
धन्यबाद
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